और कुछ भी नहीं रह जाएगा मेरे बाद मेरे कमरे में | उर्दू शायरी इन हिंदी


 और कुछ भी नहीं रह जाएगा मेरे बाद मेरे कमरे में

 बस मेरी किताबों को क़रीने से लगाकर रखना

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